चोट दिल पर गहरी लगा गए मानो, मौत की सजा सुना गए यह सच है कि यह जख्म अब कभी भरेगा नहीं दिल चाह कर भी अब किसी से प्यार करेगा नहीं, हां तेरे जाने से यह दुनिया बेगानी सी लगती है ,मेरी दास्तां सुनाने बालों को यह एक कहानी सी लगती है, जख्म अभी गहरा है ताजा है और रहेगा देखने वालों को मेरी चोट भी पुरानी लगती है, ऐसा कोई दिन एक पल नहीं जाता, जिसमें मुझे तेरा ख्याल नहीं आता, नींद से जैसे कोई दुश्मनी सी हो गई है सीने में सांसों की कमी सी हो गई है अब कोई और छुएगा तुझे, यह सोचकर पल-पल मरता रहता हूं नज्में लिखता हूं और उसे रात भर पढ़ता रहता हूं, अगर कभी मेरी यादों से तेरी आजादी हो जाए, अगर किसी और के साथ तेरी शादी हो जाए, तो हो सके मेरे इश्क का मुझे दाम देना, अपने बेटे को मेरा ही नाम देना ,अपने बेटे को मेरा ही नाम देना......
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
-
( त्रिया चरित्र ) एक प्यासा आदमी कुयें के पास गया ? जहां एक जवान औरत पानी भर रही थी ? उस आदमी ने उस औरत से थोड़ा प...
-
औरैया - आज हम आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहे है जो सुनकर अचंभित रह जाएंगे जिसका नाम शैलेन्द्र शाक्य जो कि औरैया नारायणपुर का रहने बाला है,यह...

No comments:
Post a Comment